कल्पना का सफ़र: गर्म दूध की चाय

दोस्तो, मेरा नाम राज है, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। आज जो कहानी मैं बताने जा रहा हूँ वो पूर्णतः एक कल्पित कहानी है। आप इस कहानी के करेक्टर को अपने आप में ढाल

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गुसलखाने का बंद दरवाज़ा खोला-2

प्रिय अन्तर्वासना के पाठकों आप सब को टी पी एल का हार्दिक अभिनन्दन! आशा करती हूँ कि आप सब अन्तर्वासना की रोचक रचनाएँ पढ़ कर अपनी वासना को जागृत एवं उसमे लगातार वृद्धि कर रहे

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देसी आंटी की उसके घर चुदाई

मैं माल में शौपिंग के लिए गया था और शौपिंग करने के बाद बाहर निकलते हुए अचानक एक 35-40 साल की देसी आंटी मुझसे टकरा गई. मैं उनसे माफ़ी मांगी और उनके गिरे हुए सामान

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